ठंड भगाए, वजन घटाए व रोगों से बचाए – अदरक का काढा.

अदरक का काढा कैसे बनाएँ

रोजाना सुबह खाली पेट या घूमने, कसरत से आने के बाद पिएँ ये अदरक का काढा

ऐसे बनाएं अदरक का काढा

अदरक का काढा बनाने के लिये एक गिलास पानी में लगभग 15 ग्राम अदरक व एक छोटा टुकडा कच्ची हल्दी कूटकर या आधा चम्मच हल्दी पावडर, 4 तुलसी के पत्ते, 2 लौंग, आधा चम्मच पिसी काली मिर्च व एक छोटा टुकडा दालचीनी डालकर इसे आंच पर उबलने रख दें । स्वाद के लिये एक टी स्पून (छोटा चम्मच) पिसा गुड व एक चौथाई चम्मच सेधा नमक डाल दें । मध्यम आंच पर उबलते हुए पानी की मात्रा आधी रह जाने पर इसे छानकर नींबू की कुछ बूंदें डालकर चाय के समान पीएँ ।

Click & Read Also-

मिलिये क्रोध के खानदान से…

जोडों के दर्द व शरीर दर्द में परम उपयोगी – दर्दनिवारक तेल…

 

अदरक के काढे के लाभ अदरक के काढे (Ginfer Kashaya) के लाभ

सर्दी, खांसी व फेफडों में कफ जमाव जैसी समस्याओं से तत्काल राहत के साथ ही लगभग 40 दिन इसके लगातार प्रयोग करने वाले भुक्तभोगियों का अनुभव यह रहा है कि ये काढा लोगों के ब्लडप्रेशर के स्तर को संतुलित रखने में, डायबिटीज (शुगर) के रोगियों की दवा की मात्रा कम करवाने में और अधिक वजन वाले व्यक्तियों के वजन को कम करवाने में विशेष रुप से मददगार साबित हुआ है ।

हम स्वयं भी ये समझ सकते हैं कि इसमें मौजूद सभी सामग्री हमारे शरीर को पर्याप्त पोषण प्रदान करने में सक्षम है और अधिकांश वस्तुएँ गर्म प्रवृत्ति की होने के कारण न सिर्फ शरीर को स्वाभाविक तौर पर गर्म बनाये रखने के साथ ही शरीर के अंदर मौजूद सभी विषाक्त पदार्थों (टॉक्सींस) के साथ ही शरीर में जमा चर्बी को धीमी गति से पिघलाकर सुचारु रुप से मल-मूत्र की राह शरीर से बाहर निकालकर हमें छरहरा व रोगमुक्त बनाये रखती हैं ।

Click & Read Also-

बेहतर स्वास्थ्य अपना स्वयंसिद्ध अधिकार. 

 वास्तु शास्त्र के सर्वत्र उपयोगी प्रचलित नियम.

अमृतफल आँवले की उपयोगिता व औषधिय गुण… 

 

अदरक के काढे के प्रयोग

गुजरात के एक सम्पन्न व्यापारी जो अपने बैठे रहने वाले काम के कारण कई प्रकार के असाध्य रोगों की गिरफ्त में चल रहे थे उन्होंने हर प्रकार से कई डॉक्टर्स व अस्पतालों में अपना इलाज करवाने के बाद भी ये पाया कि उन्हें डॉक्टरी उपचार से फायदा तो हो नहीं रहा है बल्कि उनकी समस्या व दवाईयां निरन्तर बढती जा रही हैं तब उन्होंने अपने किसी शुभचिंतक की सलाह से नित्य सुबह इस काढे का सेवन करना प्रारम्भ किया और दो ही महिने में अपने शरीर में इसके इतने सुधारात्मक परिणाम देखे कि अपनी पत्नी के साथ प्रतिदिन 20 किलो अदरक का काढा सुबह 4 बजे से बनाना प्रारम्भ कर सुबह 7 / 7.30 बजे नजदीक के गार्डन में सुबह घूमने आने वालों को इसका निःशुल्क वितरण प्रारम्भ कर दिया और उन निशुल्क काढा पीने वाले लोगों ने भी कुछ समय बाद अपने शरीर में इसके सुधारात्मक परिणामों पर न सिर्फ इन्टरव्यू में इसकी खुलकर प्रशंसा की बल्कि कई लोग समाजसेवा के इस काम में अपना समय व पैसे खर्चकर उनके इस मानवसेवा अभियान से स्वयं भी जुड गये ।

अतः आप भी इस सर्दी के मौसम में इस काढे को सुबह के समय एकाध महिने लगातार प्रयोग करके देखें और इस पर अपनी प्रतिक्रिया अपनी कमेंट के माध्यम से अवश्य दें । धन्यवाद…

Leave a Reply

Your email address will not be published.