ताली बजाएं और रोगों को भगाएं…

ताली बजाएं व लाभ उठाएं.

जिस प्रकार सामान्य स्वास्थ्य को बनाये रखने में हँसने के महत्व से लगभग हम सभी पार्क में टहलने व योगासन करने के स्थान पर अनेकों हास्य क्लब की मौजूदगी के कारण परिचित हैं उसी प्रकार शारीरिक रुप से लयबद्ध तरीके से यदि हम ताली बजाएं तो भी हमारे शरीर में जितने सकारात्मक परिवर्तन आते हैं वे हमें स्वस्थ बनाये रखने में पर्याप्त मददगार साबित होते हैं । कुछ विस्तृत उदाहरणों के साथ हम इस जानकारी को और आगे बढाने का प्रयास करते हैं-

ताली बजाएं - रोग भगाएं

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ताली बजाएं व निजात पाएं-

गठिया- रोज 400 तालियां बजाने से गठिया रोग ठीक होता है । लगातार 3-4 महीने सुबह शाम इसका अभ्यास करने से उगलियों,  हाथों का रक्त संचार तीव्र गति से होता है जो  सीधे नसों को प्रभावित करता है जिससे गठिया रोग/Arthritis ठीक हो जाता है ।

लकवा और हाथ कांपना-  हाथ कमजोर होने पर रोज नियमित सुबह-शाम इतने ही अभ्यास से कुछ ही महीने में समस्या से निदान मिलता है ।

हृदय रोग,  खराब फेफडे व लिवर की समस्या होने पर- नियमित सुबह शाम 400-400 तालियां बजाने से इन आंतरिक बीमारियों से शीघ्र छुटकारा मिलता है ।

रोग प्रतिरोधक क्षमता/Immune System बढाने में भी इस क्रिया की अहम भूमिका है । इससे शरीर में तीव्र रक्त संचार होता है । शरीर का अंग-प्रत्यंग सक्रिय गति से काम करने लगता है।

तालियां बजाने से नसें और धमनियां सही तरह से सुचारू हो जाती है। मांसपेशियों का तनाव, खिचाव ठीक करने में तालियां बजाना अहम है।

तालियां बजाने से सिरदर्द,  अस्थमा,  मधुमेह नियंत्रण में रहता है ।

बालों को झड़ने से रोकने में यह क्रिया फायदा पहुंचाती है । तालियां बजाने से हाथों में घर्षण बनता है । हाथ की अंगूठे व उगलियों की नसें सिर से जुड़ी होती हैं ।

प्रतिदिन भोजन ग्रहण के बाद इतने ही समय इस क्रिया को करने से शरीर समस्त रोगों से दूर रहता है । शरीर में फालतू चर्बी नहीं जमती जो मोटापा दूर रखने में अहम हैं।

तालियां बजाने से स्मरण-शक्ति  बढ़ती है । क्योंकि हाथ का अंगूठे की नसें सीधें मस्तिष्क से जुड़ी होती हैं ।

शरीर के समस्त जोड़ पाइन्टस हाथों की हथेलियों उगलियों से जुड़े होते हैं। इसलिए इससे शरीर स्वस्थ और निरोगी बना रहता है ।

ताली बजाएं पर ये भी ध्यान रखें-

पहले हाथों पर नारियल,  जैतून,  बादाम,  तिल,  अखरोट कोई भी एक तेल लगा लें ।

उपर हाथ कर ताली बजाएं

रोज सुबह 400 व शाम 400 बार बजायें । इनमें 200 मात्रा हाथ ऊपर कर और 200 मात्रा साधारण स्थिति में रह कर बजायें ।

हाथों पर तीव्र घषर्ण  या हाथ गर्म होने पर कुछ सेकेंड़ रूकें ।

तालियां बजाने के तुरन्त बाद कुछ खायें पीने नहीं । 20-25 मिनट बाद ही कुछ खायें पीयें।

स्वस्थ शरीर के लिए यह क्रिया अत्यन्त फायदेमंद है ।  ताली बजाने से शरीर में रक्त संचार तीव्र गति से होता है। जोकि सम्पूर्ण शरीर  को दुरूस्त करने में सक्षम है-

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हमारे पूर्वज बहुत ज्ञानी थे , वो जानते थे कि व्यक्ति अच्छे कार्य आसानी से नहीं करता है, इसलिए उन्होंने हर उस कार्य को जो हमारे स्वास्थ्य से जुड़ा हो उसे धर्म से जोड़ा ताकि हम नियमित रूप से वो सब कार्य करें जो हमारे स्वास्थ्य के लिए सर्वश्रेष्ठ हो । उदाहरण के लिए – सुबह शाम भगवान की आरती के साथ ताली बजाना ।

लेकिन सावधान-  एक मान्यता यह भी है कि शिवजी के मंदिर में भूलकर भी ताली नहीं बजानी चाहिये । अतः इस मान्यता का भी हम अवश्य ध्यान रखें ।

रोगोपचार व सामान्य स्वास्थ्य में  तालियों की उपयोगिता से संबंधित यह वीडिओ भी देखिये…

 

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