दर्द निवारक तेल – जोडों व शरीर दर्द में उपयोगी

अक्सर हमारे शरीर में कभी भरपूर शारीरिक श्रम के कारण, कभी अत्यधिक थकान के कारण अथवा किसी पुरानी चोट के कारण शरीर के किसी विशेष हिस्से में दर्द होता रहता है और गठिया अथवा जोडों के दर्द में तो भुक्तभोगी अक्सर दर्द से परेशान ही रहते हैं जो ठंड के मौसम में कई बार असहनीय स्थिति में पहुंचकर सामान्य हलन-चलन में भी बाधक बन जाता है । इससे राहत पाने के लिये हम यहाँ ऐसे दर्द निवारक तेल को बनाने की विधि प्रस्तुत कर रहे हैं जिसे आप स्वयं बनाकर अपने इस दर्द से पर्याप्त राहत प्राप्त कर सकते हैं । देखिये कैसे…

 

परम गुणकारी दर्द निवारक तेल.

दर्द निवारक तेल के लिये आवश्यक सामग्री

इस तेल के लिये – 200 ग्राम सरसों का तेल, 200 ग्राम तिल का तेल, 1 टीस्पून (चाय का छोटा चम्मच) लौंग, 1 टीस्पून हल्दी, 1 टीस्पून काला नमक, 1 पत्ता तेजपान, 2 टीस्पून मैथीदाना, 20 ग्राम गुड, 2 टीस्पून ऐलोवेरा पल्प, 100 ग्राम शुद्ध तारपीन तेल, 50 ग्राम कपूर, 10 ग्राम सत अजवायन, 10 ग्राम सत पोदीना, 20 ग्राम नीलगिरी का तेल व लहसुन की छिली हुई कलियां लगभग 40 ग्राम.

दर्द निवारक तेल को बनाने की विधि-

सबसे पहले एक कांच की शीशी में 10 ग्राम कपूर, 10 ग्राम सत अजवायन व 10 ग्राम सत पोदीना को मिलाकर अलग रख दें । दूसरी कांच की शीशी में 40 ग्राम कपूर को 100 ग्राम तारपीन के तेल में डालकर रख दें । कुछ घंटों में ये दोनों सामग्री आपस में मिक्स होकर तरल पदार्थ में परिवर्तित हो जावेगी ।

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अब 200 ग्राम सरसों के तेल को आंच पर गर्म होने के लिये रख दें व इसमें छिले हुए लहसुन की 40 ग्राम के लगभग कलियां डालकर मध्यम से धीमी आंच पर इतनी देर रहने दें जब तक की इसमें मौजूद लहसुन की कलियां बिल्कुल जलकर काली न हो जावें । इसके बाद इसे आंच से उतारकर ठंडा होने दें व बाद में इसे छानकर अलग रख लें ।

फिर 200 ग्राम तिल के तेल को आंच पर रखकर इसमें तेजपान का पत्ता, लौंग, मैथीदाना, व गुड डालकर मध्यम आंच पर लगभग 15 मिनिट पकने दें । ध्यान रखें तेल में उबाल आता दिखे तो आंच कम कर दें । अंत में इसे आंच से उतारकर इसमें हल्दी, काला नमक व ऐलोवेरा पल्प डाल दें व पर्याप्त ठंडा हो जाने पर इस तेल को छानकर अलग रख लें ।

घर में निर्मित दर्द निवारक तेल.

अब आपके पास चार प्रकार के मिश्रण मौजूद दिखेंगे-  1. अजवायन सत, पोदीना सत व कपूर का मिश्रण,  2. तारपीन तेल व कपूर का मिश्रण,  3. लहसुन मिश्रित सरसों का तेल व  4. शेष सामग्री से तैयार तिल का तेल । अब एक बडे बर्तन में इन चारों मिश्रण को आपस में मिक्स कर लें व  इसमें 20 ग्राम नीलगिरी का तेल मिला दें ।

इस प्रकार निर्मित हमारा यह दर्दनिवारक तेल शरीर के कैसे भी अंदरुनी दर्द में चमत्कारिक तरीके से राहत प्रदान करता है । बेशक एक बार इसमें मेहनत भी लगती है, कुछ चीजें मंहगी भी होती हैं लेकिन लगभग 500 ग्राम की मात्रा में तैयार होने वाला यह तेल किसी भी परिवार की लगभग 6 महिने से भी अधिक की आवश्यकता को पूरा कर देता है ।

शरीर दर्द की ऐसी ही आवश्यकताओं के निराकरण हेतु कुछ वर्ष पूर्व टी.वी. पर एक विज्ञापन कैंप कई चैनलों पर सुबह के वक्त संधिसुधा तेल के नाम से चलता था जिसकी बमुश्किल 100 ग्राम की तीन शीशीयों के पैक की कीमत 2950/-  रु. + पैकिंग व फारवर्डिंग चार्ज 150/-  रु. मिलाकर 3100/-  रु. में बेचा जा रहा था, जिसे मेरे एक परिचित ने भी उनकी माताजी के लिये मंगवाया था । बाद में उन्होंने यहाँ उल्लेखित उपरोक्त तेल को भी प्रयोग में लेकर देखा था और उनका निष्कर्ष यह रहा था कि यहाँ उल्लेखित उपरोक्त तेल उस संधिसुधा तेल से अधिक असरकारक था ।

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 अतः यदि आप या आपके परिवार में कोई भी सदस्य ऐसे किसी नियमित दर्द से पीडित रहता हो तो आप इस दर्द निवारक तेल को बनाकर अवश्य काम में लें । यदि आपके लिये इसे बनाना कठिन लगता हो तो आप 100 ग्राम तेल की 1 शीशी 250/- रु.,  या 3 शीशी 650/- रु. अथवा 5 शीशी 950/-  रु. भेजकर मंगवा सकते हैं । किंतु इसके लिये आपको पैसे पहले भेजना होंगे व उसके 5 से 7 दिन बाद यह विशेष तेल  आप अपने घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे । यदि आप ऐसी आवश्यकता समझें तो मोबाईल नं. +91 7987570703 पर WhatsApp  द्वारा Hi… संदेश भेजकर संपर्क कर सकते हैं ।

उपरोक्त लागत में यह तेल न सिर्फ आपके आदेश के बाद ही विधिपूर्वक बन पायेगा, बल्कि इसके साथ इसे भेजने के लिये पोस्टेज व पैकिंग खर्च भी निर्माता को व्यय करना होगा जो  दूसरी किसी भी घर बैठे सर्विस देने वाली  कंपनियों से अधिक नहीं होगा । वैसे भी यह विकल्प भी आप तभी अपनावें जब आपको इस विशेष उपयोगी तेल की आवश्यकता तो हो किंतु आप इसे स्वयं बनाने में कठिनाई महसूस करें ।

 

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