प्याज के बेशकीमती गुणों को जानिये…

प्याज

प्याज के लाभ

             यहाँ हम उस प्याज की बात कर रहे हैं जो वर्षों पहले से किसान व गरीब लोग मुक्के से फोडकर उसीके साथ भरपेट भोजन कर लेते थे और उसके बाद भी 80, 90 व 100 वर्ष तक का दीर्घ व निरोगी जीवन आसानी से जीते थे । भोजन में इसके महत्व को आप भी समझ सकें इसलिये हम यहाँ इसके उन गुणों से आपको परिचित करवाना चाह रहे हैं जो शायद इस दर्गंधयुक्त प्याज के द्वारा ही मानव जाति को मिल पाता है । आईये जानते हैं इसके संबंध में कुछ नये-पुराने, ज्ञात-अज्ञात तथ्य…

             प्याज एक जमीकंद है, जो जमीन के नीचे उगता है । भारत में यह महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा उपजता है ।  इसका प्रत्येक मौसम में उपयोग किया जाता है चाहे वो सब्जी बनाने में हो या सलाद के रूप में । इसका तड़का दाल के स्वाद को दुगुना कर देता है । आईये अब जानते हैं की यह किस प्रकार शरीर की बीमारियों से लडने में मदद करता है-

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रोगोपचार में उपयोगी प्याज

  1. मसूड़ों, दांतो या दाढ में दर्द होने की स्थिति में प्याज को चबा-चबा कर खाने पर मसूड़ों और दांत के दर्द में आराम मिलता है और संक्रमण से बचाव होता है ।
  2. यदि पेशाब रुक रुक कर आ रहा हो तो प्याज के रस से पेट पर मालिश करने पर इसमें राहत मिलती है, हालांकि प्याज की गंध आपको थोड़ा परेशान कर सकती है ।
  3. प्याज को कद्दूकस करके उसका रस किसी कपड़े से निचोड़कर सुबह खाली पेट 2-3 चम्मच पीने से कई बीमारियों में लाभ मिलता है जैसे सर्दी, खासी, बलगम,  साइनस आदि । इसके अलावा यह कब्ज की समस्या भी दूर करता है और पेट को साफ रखता है । यह रस शरीर में रक्तशोधक का कार्य करता है और त्वचारोगों और फंगल इंफेक्शन से राहत दिलाता है । स्वामी नित्यानंदमजी कहते हैं कि इसका स्वाद यदि खराब लगे तो आप इसको पानी के साथ या शहद के साथ भी ले सकते हैं । सही मात्रा में इसका नियमित सेवन आपको कई बीमारियों से लडने की क्षमता प्रदान करता है।
  4. प्याज में एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के किसी भाग में होने वाले संक्रमण से हमें बचाता है और घावों को जल्दी भरने में मदद करता है ।
  5. प्याज में फायटो केमिकल पाया जाता है, जो शरीर में विटामिन सी की पूर्ति करता है और हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है ।
  6. प्याज में क्रोमियम पाया जाता है, जो शरीर में रक्त प्रवाह को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है, जिससे रक्तचाप और शुगर भी नियंत्रित रहती है क्योंकि यह इंसुलिन को उत्पादित करने में मदद करता है ।
  7. कच्चा प्याज अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाता है, जिससे हृदय रोग दूर रहते हैं और हृदय सही तरीके से कार्य करता रहता है ।
  8. कीड़े-मकोड़े जैसे ततैया या मधुमक्खी के काटने पर वहां कुचले हुए प्याज का लेपन करने से यह जलन, दर्द और सूजन को दूर करते हुए शीघ्र राहत पहुंचाता है ।
  9. नाक से रक्त (नकसीर) आने पर प्याज के 2-3 बूंद रस को नाक में डालने पर रक्त आना बंद हो जाता है, इसके साथ ही कान के दर्द में भी 2-3 बूंद रस डालने पर शीघ्र आराम मिलता है ।
  10. लू लगने के खतरे को कच्चा प्याज काफी हद तक कम कर देता है । कई जगह लू से बचने के लिए लोग कानों पर प्याज रखकर उसके ऊपर कोई कपड़ा बांध लेते हैं । यदि लू लग जाए तो हाथों और पैरों के तलवों में प्याज का रस लगा लेने पर शीघ्र आराम मिलता है ।

             सबसे महत्वपूर्ण बात इसका यथोचित मात्रा में नित्य सेवन आपकी पौरुष शक्ति को वृद्धावस्था की उम्र तक भी मजबूत बनाये रखता है । इस आवश्यकता की पूर्ति के लिये सफेद प्याज अधिक उपयोगी पाया गया है । शायद इसीलिये इसकी गिनती तामसी भोजन में भी कुछ धर्मों में धार्मिक आधार पर की जाती है । लहसुन व प्याज में यदि दुर्गंध न होती तो वन्यजीव इसे हमारे भोजन तक पहुँचने के पूर्व ही चट कर जाते ।

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प्याज की उपयोगिता

             यदि आपके समक्ष किसी प्रकार का कोई धार्मिक प्रतिबंध ना हो (जिसे वर्तमान समय में इसके बढे हुए मूल्यों के कारण आर्थिक भी कहा जा सकता है) तो आपको इसे अपने भोजन में निर्विवाद रुप से पर्याप्त स्थान देना चाहिये ।

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